रुद्राभिषेक पूजा ₹2101


रुद्र भगवान शिव के सभी विभिन्न नामों में से एक है। सभी उचित संस्कारों और अनुष्ठानों के साथ भगवान शिव के रुद्र अवतार के लिए पूजा करना रुद्राभिषेक पूजा के रूप में समझा जाता है। यह दुनिया भर में हिंदुओं द्वारा अपनाई जाने वाली सबसे प्राचीन प्रथाओं में से एक है। इस पूजा का उद्देश्य शिव के रुद्र रूप को प्रसन्न करना है ताकि आंतरिक शांति और तृप्ति प्राप्त हो सके।

रुद्राभिषेक पूजा का महत्व

कई वैदिक शास्त्रों ने सभी बुराइयों को दूर करने वाली रुद्राभिषेक पूजा पर जोर दिया है । लोगों की कुंडली घुमाने वाले सभी ग्रह भगवान शिव के प्रकोप से पैदा हुए हैं। इस प्रकार यदि कोई ग्रहों की स्थिति के बुरे प्रभावों यानी दोषों को दूर करने का प्रयास करना चाहता है, तो वह सकारात्मक रूप से रुद्राभिषेक पूजा कर सकता है। हमारी दुनिया में दो तरह की ऊर्जाएं मौजूद हैं- सकारात्मक और नकारात्मक। सकारात्मक ऊर्जाएं शारीरिक अवस्था, सुख, प्रेम, आनंद और समृद्धि के रूप में मौजूद होती हैं जबकि नकारात्मक ऊर्जाएं खराब स्वास्थ्य, अवसाद और दरिद्रता के चित्रण के भीतर मौजूद होती हैं। रुद्राभिषेक पूजा इन नकारात्मक ऊर्जाओं को सकारात्मक में बदलने में मदद करती है।

रुद्राभिषेक पूजा के लाभ

रुद्राभिषेक पूजा मुख्य रूप से पूरी होती है

  • महल में खुशियों का निर्माण
  • शिक्षा, नौकरी और करियर में सफलता
  • सौहार्दपूर्ण संबंध
  • आर्थिक परेशानियों का निवारण
  • दोषों का निवारण
  • हमारे निवास में शांति और सद्भाव लाना
  • स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं का निवारण
  • स्वस्थ मन और सकारात्मक आत्मा वाले व्यक्ति को आशीर्वाद
रुद्राभिषेक को लेकर ऐसी मान्‍यता है कि हमारी कुंडली के महापाप भी जलकर भस्म हो जाते हैं और हम में शिवत्व का उदय होता है, भगवान शिव का शुभाशीर्वाद प्राप्त होता है। सभी मनोरथ पूर्ण करने के लिए एकमात्र सदाशिव रुद्र के पूजन से सभी देवता स्‍वत: ही प्रसन्‍न हो जाते हैं। रुद्राभिषेक करने के इतने होते हैं लाभ।

  • जल से महादेव का अभिषेक करने पर वर्षा होती है।
  • असाध्य रोगों को शांत करने के लिए कुशोदक से रुद्राभिषेक करें।
  • भवन-वाहन की मनोकामना पूर्ण करने के लिए दही से रुद्राभिषेक करें।
  • लक्ष्मी प्राप्ति के लिए गन्ने के रस से रुद्राभिषेक करें।  उससे आपको धन की प्राप्ति होगी। इसके अलावा धन वृद्धि के लिए शहद और घी से अभिषेक करें।
  • तीर्थ के जल से अभिषेक करने पर मोक्ष की प्राप्ति होती है। इत्र मिले जल से अभिषेक करने से बीमारी नष्ट होती है।
  • पुत्र प्राप्ति के लिए दुग्ध से और यदि संतान उत्पन्न होकर मृत पैदा हो तो गोदुग्ध से रुद्राभिषेक करें। ऐसा करने से आपको जल्‍द ही स्‍वस्‍थ संतान की प्राप्ति होगी।
  • सहस्रनाम मंत्रों का उच्चारण करते हुए घृत की धारा से रुद्राभिषेक करने पर वंश का विस्तार होता है।
  • शक्‍कर मिले दूध से अभिषेक करने पर जड़बुद्धि वाला भी विद्वान हो जाता है।
  • सरसों के तेल से अभिषेक करने पर शत्रु पराजित होता है।
  • गोदुग्ध से तथा शुद्ध घी द्वारा अभिषेक करने से आरोग्यता प्राप्त होती है।

आचार्य श्री प्रेम कुमार आर्य 
सम्पर्क--- 9304366018

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